सुनिए जनप्रतिनिधि जी..

Bokaro, write-up

दिन बर दिन बोकारो में बढ़ रही है चोरी और लूटपाट की घटनाओं से आम जनता ना सिर्फ खौफ के साये में जीने को मजबूर है बल्कि प्रशासन से बेहद नाराज़ भी है| हर दिन शहर के किसी ना किसी कोने में चोरी और डकैती की घटना तो मानों आम बात हो गई है| बीते कुछ घटनाओं के बारे में बात करें तो घरों के अलावा, चोरों ने दुकान और स्कूलों तक को नहीं छोड़ा| इसलिए आज ‘सुनिए जनप्रतिनिधि जी’ में सबसे पहले बात कर रहे हैं चोरों के आतंक में जी रहे हर बोकारोवासी की|

बोकारो में आज आलम ये है कि लोग दिन में भी अपने घर को छोड़ कर निकलने में कतराते हैं| कितने भी मजबूत से मजबूत ताला लगा लें या सीसीटीवी लगवा लें, हिफाजत के नाम पर ये कुछ भी नहीं| इसके बाद सुरक्षा के लिए लोग प्रशासन की ओर उम्मीद भरे नज़रों से देखते हैं लेकिन यहां भी तो मिलती सिर्फ निराशा है| कुल मिलाकर कहें तो आमलोग आज के समय में अपने घरों को और दुकानों को महफूज़ रखने के लिए चाहे कितने भी प्रयास कर लें लेकिन होता कुछ नहीं|

अजी बंद घर में चोरी छोड़िये, यहां तो अपराधियों के मनसूबे इतने बुलंद हैं कि दिन-दहाड़े घर में घूसकर लूटपाट मचाते हैं| कुछ दिनों पहले ही हथियार से लैस लुटेरों ने कॉपरेटिव कॉलोनी में एक डॉक्टर के घर पिस्तौल दिखाकर लूटपाट की घटना को अंजाम दिया|

इसी मुद्दे के लेकर रितेश वर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पीएमओ इंडिया, बीजेपी झारखंड, मुख्यमंत्री, जेएमएम और कांग्रेस, इन सभी को टैग करते हुए कॉपरेटिव कॉलोनी में डॉक्टर के घर हुए लूटपाट की पूरी जानकारी दी तथा बोकारोवासियों की मदद के लिए गुहार लगाई है|

लोगों का गुस्सा प्रशासन की ओर किस कदर फूट रहा है ये रमेश कुमार का ट्वीट बयां करता है| बोकारो पुलिस पर निशाना साधते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री रघुंवर दास को टैग कर ट्वीट में बोकारो पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार फैलने की बात की है|

उधर मुकेश महथा ने ट्विटर पर चंदनकियारी थाना क्षेत्र के भोस्की गांव की स्थिति उजागर की| यहां बारिश के बाद मुख्य सड़की हालत देखने लायक है| उन्होंने ट्विटर पर सड़क की एक तस्वीर भी पोस्ट की और बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद इस जर्जर सड़की की मरम्मत नहीं करवाई जा रही| जनाब सिर्फ सड़कें बनवाने से नहीं होता, उस सड़क की बिगड़ती स्थिति पर भी ध्यान देना होता है| अगर आज ऐसी सड़क पर कोई घटना घट जाए तब कोई उसकी जिम्मेदारी लेने नहीं आता| तो जनप्रतिनिधि जी क्यों ना पहले इस सड़क को लोगों के इस्तेमाल लायक बनाया जाए|

कई बार अधिकारियों को उनके बेहतरीन काम के लिए तबादले से नवाजा जाता है| शायद ऐसा ही कुछ हुआ है नावाडीह प्रखंड में| यहां के बीडीओ शंकराचार्य समाद का मात्र 6 महीने में ही तबादला कर दिया गया| मनोज वर्णवाल ने ट्वीट कर बताया कि बीडीओ के तबादले के बाद वहां के पंचायत प्रतिनिधि एवं जनता बेहद आक्रोशित है|

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