लॉक डाउन के दूसरे दिन भी नहीं माने लोग, सब्जी मंडियों में जुटी भीड़..

Bokaro

बोकारो में लॉकडाउन के दूसरे दिन भी नियम और दिशानिर्देशों के उल्लंघन की घटनाएं सामने आईं। हालाकिं यह स्थिति पहले दिन से अलग दिखी। दूसरे दिन लॉकडाउन अधिक प्रभावी दिखा। पुलिस चौक-चौराहों पर तैनात रही और कार व बाइक सवारों को रोकती दिखी। पुलिसकर्मी लोगों से घर से निकलने का कारण पूछ रहे थे और बिना जरूरी काम के घर से निकलने वालों का चालान भी कटा गया।

कोरोना वायरस को लेकर बाेकाराे जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है। इस निषेधाज्ञा के तहत 5 व्यक्ति या उससे अधिक व्यक्तियों के जमा होने पर रोक रहेगी। सभी दुकानें, प्रतिष्ठान, कार्यालय, फैक्ट्री, गोदाम, साप्ताहिक हाट-बाजार आदि संपूर्ण गतिविधियां बंद रहेगी। सभी निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से स्थगित रहेंगे। टैक्सी,ऑटो-रिक्शा, बसें,ई-रिक्शा, रिक्शा के संचालन सहित किसी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के परिचालन पर पूर्ण रोक रहेगी। आकस्मिक सेवाओं को छोड़कर राज्य सरकार के सभी कार्यालय बंद रहेंगे। आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाले कार्यालय को प्रतिबंधों से बाहर रखा गया है।

हालांकि, लॉक डाउन के दूसरे दिन भी जिले में धारा 144 का ज्यादा प्रभाव नहीं देखा गया। लोग हर रोज की तरह बाजार पहुंचे। वहीं, कई लोग आज भी अनावश्यक सड़क पर घूमते दिखे। बच्चे भी मैदानों में खेलते नजर आये। वहीँ कहीं-कहीं तो चोरी छिपे चाय-नाश्ता का होटल और ठेले भी खुले रहे।

लॉक डाउन में राशन व सब्जी दुकानों में लोगों की भीड़ जुटी रही। ग्राहकों की भीड़ को देखते हुए सभी सब्जी विक्रेताओं ने सब्जियों की कीमत दोगुनी और तीन गुनी अधिक कर दी। लाल आलू 16 रुपए प्रति किलो की दर से बिक रहा था, उसे दुकानदार 26 रुपए प्रति किलो की दर से बेचना शुरू कर दिए हैं। वहीं 10 रुपए प्रति किलो की दर से बिकने वाले टमाटर की कीमत 30 रुपए प्रति किलो हाे गई। इस बीच कई लोग बाजार से सीधे आलू प्याज के थोक विक्रेताओं के आढ़त में भी पहुंचे और आलू का बोरा खरीदने की होड़ लग गई।

बता दें की झारखण्ड सरकार ने कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए 31 मार्च तक पूरी तरह से लॉकडाउन का ऐलान कर रखा है। इसमें दैनिक उपभोग की वस्तुओं की दुकानें, अति आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी कुछ लॉकडाउन के दायरे में रखा गया है। लॉकडाउन में पुलिस, फायर ब्रिगेड, सेना, एम्बुलेंस और आवश्यक सेवाओं के वाहनों को ही सड़क पर आने की इजाजत है। इसके अलावा फल-सब्जी, दूध जैसी जरूरी वस्तुओं की गाड़ियों को ही बोकारो में आने दिया जा रहा है। सभी बॉर्डरों को गैर आवश्यक वाहनों के लिए बंद कर दिया गया है।

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