बोकारो के नए उपायुक्त राजेश सिंह के संघर्ष की पूरी कहानी, आंखों से दिव्यांग..

Bokaro

बोकारो : बोकारो के उपायुक्त मुकेश कुमार का तबादला कर दिया गया है. उनकी जगह जो डीसी बने है वे आंखों से दिव्यांग है. यह पहली बार है जब किसी दृष्टिबाधित को जिले का उपायुक्त बनाया गया है. दरअसल, राजेश सिंह के इस मुकाम पर पहुंचने के पिछे बहुत बड़ा संघर्ष जुड़ा हुआ है. राजेश को इसके लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी थी. फिलहाल, वे बोकारो जिले की कमान संभालेंगे.

आपको बता दें कि उपायुक्त राजेश सिंह पटना जिला के धनरूआ के रहने वाले है. उन्होंने आईएएस बनने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई थी. इससे पहले वे उच्च शिक्षा में विशेष सचिव पद पर कार्यरत थे.

अंग्रेजी वेबसाइट द टेलीग्राफ में छपी रिर्पोट के मुताबिक, राजेश छह साल की उम्र में आंखों से दिव्यांग हो गए थे. बावजूद इसके वे अपने लक्ष्य से भटके नहीं. भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी बनने के लिए वह लगातार प्रयासरत रहे. उनपर लिखी एक पुस्तक से पता चलता है कि वे निरंतर परेशान रहे. 2007 बैच के असम-मेघालय कैडर के आईएएस अधिकारी राजेश विकलांग श्रेणी में तीसरे स्थान पर थे, लेकिन कर्मियों और प्रशिक्षण विभाग से उन्हें पोस्टिंग नहीं दी.

इस दौरान केवल एक व्यक्ति को नियुक्त किया गया था. सरकार ने दावा किया था कि नेत्रहीन विकलांग कोटे में पर्याप्त रिक्तियां ही नहीं है. जिसके बाद उन्होंने वर्ष 2008 में दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया. जिसने आखिरकर उनके पक्ष में फैसला सुनाया.

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