प्रतिमा विसर्जन करने झूमते-गाते निकले श्रद्धालु..

Bokaro, Festival

जिलेभर में मां शारदे की पूजा अर्चना बड़े ही धूमधाम से हो रही है। आज शुक्रवार को कई स्थानों पर विसर्जन भी किया गया। विसर्जन रविवार को भी कई स्थानों पर होगी। विसर्जन के दौरान डीजे की धुन पर श्रद्वालु झूमें। वहीं नम आंखों से श्रद्धालुओं ने प्रतिमाओं को पवित्र तालाबों में विसर्जित किया। प्रतिमा विसर्जन के साथ ही विद्या की अधिष्ठात्री माता सरस्वती की पूजा भी सम्पन्न हो गई। शहर के अधिकतम शिक्षण संस्थानों व पूजा पंडालों से मां सरस्वती की प्रतिमा का विसर्जन आज शाम तक कर दिया जायेगा। इस दौरान छात्र-छात्राओं और आयोजकों ने पूजा पंडाल से तालाब तक रंग-गुलालों से सराबोर हो कर मां सरस्वती को विदाई दे रहे हैं।

बता दें की सरस्वती पूजा का आयोजन माघ महीने के वसंत पंचमी को होता है। कई स्थानों पर प्रतिमा का विसर्जन दो तीन दिनों के बाद किया जाता है। सरस्वती पूजा के आगमन को लेकर छात्रों में अलग ही उमंग रहता है। शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में संचालित विभिन्न शिक्षण संस्थानों द्वारा श्रद्धाभाव के साथ मां सरस्वती की पूजा अर्चना की गई। हवन कर पूर्णाहुति करते हुए भोग लगाया गया। सरस्वती पूजा काफी जगहों पर होने के कारण पंडितों की कमी महसूस की गई। एक पंडित ने दो से तीन जगहों पर पूजा की। पंडितों ने मुंहमांगी दक्षिणा की रकम ली। अधिकांश जगहों पर छात्र स्वयं पूजा पर बैठे। कोचिंग संस्थानों के संचालक भी पूजा पर बैठे।

सभी पूजा स्थलों पर आकर्षक छटा नजर आई। देवी शारदा के भक्ति गीतों से माहौल भक्तिमय हो गया। मूर्तियों की सजावट देखते ही बनती थी। बच्चों में भी पूजा के प्रति असीम श्रद्धा व विश्वास था। रविवार को भी कुछ जगहों पर मां की मूर्ति का विसर्जन होगा। ज्ञात हो कि जिले में सरस्वती पूजा दो दिन मनाया गया।

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