बोकारो के विनोद की हुई पकड़उवा शादी अमान्य करार, लेकिन आरोपियों पर अबतक नहीं हुई कार्रवाई..

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बिहार में पकड़उवा विवाह का शिकार हुए बोकारो के विनोद कुमार को पटना के फैमली कोर्ट से थोड़ी राहत मिली है| कोर्ट ने जबरदस्ती हुई इस शादी को अमान्य ठहरा दिया है|पकड़उवा शादी के मामले में ये पहला ऐसा फैसला है| दरअसल साल 2017 दिसंबर में बोकारो स्टील प्लांट में कार्यरत विनोद कुमार को पटना में अगवा कर, मारपीट कर व बंदूक की नोक पर उनकी शादी करवा दी गई थी| जिसके बाद उनकी शादी का वीडियो बड़ी तेजी से सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ था|

ये फैसला मैट्रीमोनियल केस की सुनवाई के बाद आया है जिसमें विनोद ने इस शादी को निरस्त करने की मांग की थी| इसके अलावा विनोद ने एक क्रिमिनल एक्ट के तहत भी एक केस किया था जिसमें उन्होंने उन्हें अगवा करने वाले तथा जबरदस्ती शादी करवाने वाले आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की थी| हालांकि इस केस में कोई भी फैसला अबतक नहीं आया और सभी आरोपी अभी भी बेखौफ घूम रहे हैं क्योंकि कहीं ना कहीं उन्हें बिहार पुलिस का साथ मिला हुआ है|

बोकारो अपडेट्स से हुई बातचीत में विनोद ने बताया कि कोर्ट के फैसले से उन्हें राहत जरूर मिली है लेकिन पुलिस ने अगर साथ दिया होता तो इस फैसले के आने में डेढ़-दो साल नहीं लगते| इस दौरान उन्हें आये दिन बोकारो से पटना के चक्कर काटने पड़े| बिहार पुलिस ने विनोद का एफआईआर तक दर्ज नहीं किया ना किसी तरह सहयोग करने को राजी थे| पुलिस के इस उदासीन रवैये से विनोद और उनके परिवार वाले को अब भी पूरा इंसाफ नहीं मिल पाया है|

क्रिमिनल केस के मामले में सुनवाई ना होने से मुख्य आरोपी सुरेंद्र यादव (लड़की का भाई) व उसके अन्य परिवार वालों पर अबतक कोई एक्शन नहीं लिया गया| विनोद का कहना है कि ऐसे में उन्हें डर लगता है कि जो लोग इस हद तक जा सकते है वो कुछ भी कर सकते हैं| उन्होंने बताया कि केस होने के बाद भी लड़की के परिवार वाले उन्हें आये दिन धमकी देते रहते हैं| अभी भी कॉल कर विनोद को लड़की को पत्नी के तौर पर अपनाने को कहा जाता है, और ऐसा ना करने पर उनको व उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी जाती है|

घटना 3 दिसंबर 2017 की है जब विनोद बोकारो से अपनी दोस्त की शादी में शिरकत करने के लिए पटना के इस्लामपुर के लिए निकले थे| उसी दौरान उन्हें इस साजिश के मास्टरमाइंड सुरेंद्र का फोन आया औऱ किसी से मिलवाने के लिए मोकामा बुलाया था| विनोद अपने एक साथी के साथ वहां गये थे तथा देर शाम जब उन्होंने सुरेंद्र से वापस जाने का कहा तो सुरेंद्र ने उन्हें अपनी गाड़ी से छोड़ने की बात कही|रास्ते में सुरेंद्र अपने घर पर दोनों को चाय पिलाने के बहाने ले गया और उसके बाद विनोद और उसके साथी को कमरे में बंद कर दिया| इसके बाद सुरेंद्र ने विनोद को मारा तथा उन्हें डरा-धमाका कर मंडप में जबरदस्ती बिठाकर अपनी बहन से शादी करवा दी|

विनोद के परिवारवालों द्वारा किसी तरह उन्हें लड़की के घर से बचाया जा सका| उस वक्त भी स्थानीय पुलिस विनोगद व उनके परिवार वालों की मदद करने से परहेज कर रही थी| कड़ी मशक्कत के बाद विनोद को सुरेंद्र के चुंगल से छुड़ाया जा सका| हालांकि उन्हें इसके बावजूद एक रात पुलिस स्टेशन में गुजारनी पड़ी क्योंकि लड़की के परिवार वाले इस जिद्द पर थे कि वो विनोद को तभी छोंड़ेंग जब वो जबरदस्ती हुई शादी के बाद बनी पत्नी को अपने साथ ले जायेंगे|

बता दें कि बिहार के कुछ जिलों में पकड़उवा शादी लंबे अरसे से प्रचलित है इनमें खासतौर से नवादा, पटना, बेगूसराय, लखीसराय और समस्तीपुर शामिल है| ये पकड़उवा विवाह समाज के लिए भयावह बनता जा रहा है, बात करें इस साल की तो जनवरी से लेकर अबतक शादी करने के लिए अगवा करने के कुल 1097 केस दर्ज हो चुके हैं|

बिहार के दबंगों ने बोकारो के विनोद का करवाया “पकड़उवा विवाह”

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