युगांडा में बसे भारतीयों ने नागरिकता संशोधन विधेयक के पक्ष में निकाली रैली..

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युगांडा में बसे भारतीयों ने मोदी सरकार द्वारा लाई गई नागरिकता संशोधन विधेयक (CAA) और का समर्थन करते हुए रैली निकाली| ये रैली युगांडा के जिंजा शहर में आयोजित की गई जहां विश्व की सबसे लंबी नदी का उद्गम होता है तथा जिस नदी में महात्मा गांधी का अस्थि विसर्जन हुआ था| इस स्थान पर गांधी जी की प्रतिमा के पास सभी भारतीय इकट्ठे होकर एक स्वर में नागरिकता संशोधन विधेयक एवं नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन बिल के पक्ष में नारे लगाए|

सीएए को लेकर जो बहस भारत में चल रही है वो सालों पहले युगांडा की घटनाओं को फिर से सबके सामने ले आया है| केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी सदन में युगांडा के हिन्दुओं के साथ हुई घटना पर चर्चा की थी| वर्षों पहले युगांडा देश भी ब्रिटेन का गुलाम था। जिसके कारण कई भारतवासी युगांडा आए थे| लेकिन सन् 1971 में तख्ता पलट हुआ और मिल्टन ओबेटो की जगह ईदी अमीन युगांडा का प्रमुख बन गया। उसने अपने शासन के एक साल बाद 1972 में गैर मुस्लिम भारतीयों को बाहर निकल जाने का फरमान सुनाया। फैसले के विरूद्ध जाने पर काफी अत्याचार भी हुआ और आखिरकार उन 60000 हिंदूओं में 29000 ने ब्रिटेन में शरण ली तो 4500 फीजी गयें, 5000 ने कनाडा में,1200 लोगों ने केन्या में शरण ली और 11000 लोग लौटकर भारत आए थे।

इसी घटना को याद करते हुए युगांडा में अभी बसे हुए भारतीयों के दल ने मोदी सरकार द्वारा लाए गये इस विधेयक का स्वागत किया| पोस्टर- बैनर हाथ में लेकर इनलोगों ने पूर्ण रूपस समर्थन किया|

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