सीएम के ट्वीट पर बोकारो डीसी का संज्ञान, ट्वीटर पर ही सुलझाये जा रहे मामलें..

District Administration, write-up

रांची : झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन इन दिनों ट्विटर पर ही कुछ मामलों को निपटा दे रहे हैं. मुख्यमंत्री का ये अंदाज लोगों को काफी पसंद भी आ रहा है. हाल ही में बोकारो जिला के दो मामले सामने आए, जिसे सीएम ने बड़ी आसानी से सुलझा दिया.

क्या था मामला..

केस-1 :
बीते दस फरवरी को जेएमएम की बोकारो से शाखा से मुख्यमंत्री को ट्वीट किया गया, जिसमें लिखा था- “तक़रीबन 3 साल हो गया, इस लाभुक को विधवा हुए, न अभी तक विधवा पेंशन मिला और न ही प्रधानमंत्री आवास, अत: सीएम से आग्रह है कि इस असहाय विधवा महिला की मदद करें.”

दरअसल उक्त बातें बोकारो जिला के जरीडीह प्रखंड के नूतनडीह निवासी लता पांडेय के लिए थी. जिसके पति पारस देव पांडेय की मौत तीन वर्ष पूर्व हो गयी थी. जिसके बाद वह लगातार सरकारी योजनाओं के लिए सरकारी ऑफिसों के चक्कर काट रही थी.

हालांकि मुख्यमंत्री ने ट्वीट पढ़ते ही मामले में संज्ञान लिया और बोकारो डीसी को तलब किया. मामले को गंभीरता से लेते हुए डीसी ने तुरंत कारवाई की और बुधवार को लाभूक को पेंशन की राशि दिलवायी गयी.

 

केस-2 :

ऐसा ही एक मामला बोकारो के राहुल भट्ट का सामने आया. 24 वर्षीय राहुल बोकारो के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं. किसी अनुप कुमार सिंह ने ग्यारह फरवरी को मुख्यमंत्री को ट्वीट किया था जिसमें उन्होंने लिखा था कि “24 वर्षीय राहुल की दोनों किडनी खराब हो गयी है, उसके इलाज के लिए मुख्यमंत्री गंभीर योजना के तहत मदद करें” इसपर फौरन बोकारो डीसी मुकेश कुमार ने संज्ञान लेते हुए सिविल सर्जन को रि ट्वीट किया और साहयता राशि देने का निर्देश दिया.

इसके तुरंत बाद ही मुख्यमंत्री ने ट्वीट करके डीसी को कहा कि सिर्फ बात कर अपनी जिम्मेदारी को पूर्ण न मानें मेरे बीते दिनों हुए कैबिनेट के फैसले को आदेश मान मुख्यमंत्री असाध्य उपचार योजना के मदद कर सूचित करें. आज राहुल को राशि प्रदान कर दी जायेगी.

 

क्या है मुख्यमंत्री असाध्य उपचार योजना..

दरअसल 11 फरवरी को हुई हेमंत सरकार की कैबिनेट की बैठक में मुख्यमंत्री असाध्य उपचार योजना की राशि को ढाई लाख से बढ़ाकर पांच लाख कर दिया गया था.

कौन उठा सकता है इस योजना का लाभ..

अगर कोई व्यक्ति किसी गंभीर बिमारी से पीड़ित है और उसकी सालाना आय आठ लाख से कम है तो वो इस योजना का लाभ ले सकता हैं. सरकार की ओर से इलाज के लिए पांच लाख तक की राशि दी जायेगी.

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