चाईबासा में खुला भारत का पहला साउथ कोरिया मॉडल वाला कोविड-19 कलेक्शन सेंटर, बोकारो को भी जरूरत..

Bokaro, COVID19

चाईबासा: झारखंड में अबतक कोरोना के चार मामले सामने आ चुके है. रांची, हजारीबाग का बाद यह झारखंड का तीसरा जिला है जहां कोरोना मरीज की पुष्टि हुई है. देश में कोरोना का संकट दिन-प्रतिदिन गहराता जा रहा है. ऐसे में झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले से आई एक खबर काफी राहत देने वाली है.

कोविड-19 सैंपल कलेक्शन सेंटर का उद्घाटन ..
दरअसल, चाईबासा के सदर अस्पताल परिसर में कोरोना वायरस के संक्रमण से पीड़ित व्यक्तियों की जांच के लिए स्थाई फोन बूथ कोविड-19 सैंपल कलेक्शन सेंटर खोला गया है. इसका उद्घाटन उपायुक्त अरवा राजकमल ने किया था.

बूथ से क्या होगा लाभ..
इस बूथ से कोविड-19 सैंपल कलेक्शन सेंटर की मदद से एक साथ बड़ी आबादी में वायरस संक्रमण के जांच में सहायता मिलेगी. यह फोन बूथ कहीं भी उठा कर ले जाया जा सकता है. इससे पूरे शहर की जांच हो सकती है. इस वायरस के संक्रमण से चिकित्सा कर्मियों के बचाव में काफी सहयोग मिलेगा. इसकी कीमत पीपीई किट की तुलना में काफी कम है. इससे एक बड़ी आबादी को कम समय में जांचा जा सकता है. आपको बता दें कि इस बूथ का निर्माण साउथ कोरिया मॉडल के आधार पर काफी कम समय में किया गया है.

क्या है पीपीई किट..
पीपीई किट का उपयोग वायरस से पीड़ित लोगों के नमूने संग्रह में होता है. इसकी कीमत लगभग 600 से 3000 रुपये तक होती है. यह डॉक्टरों का सुरक्षा कवच की तरह काम करता है. देश के कुछ शहरों में कोरोना के कहर को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा इस फोन बूथ कलेक्शन सेंटर को बनाया जा रहा है.

बोकारो को भी जरूरत..
बोकारो में भी कोरोना संक्रमण के एक मामले की पुष्टि होने के बाद खौफ का माहौल है. ऐसे में पहले राज्य सरकार को झारखंड के उन जिलों में इस बूथ को स्थापित करवाना चाहिए, जहां से मामले सामने आए हैं.

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