दो चरणाें में होगी पहली डिजिटल जनगणना, घर-घर जाकर जुटाये जायेगें आंकड़े..

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भारत की जनगणना, 2021 हेतु जिला स्तरीय फिल्ड ट्रेनर के प्रथम बैच जिसमे 41 मास्टर ट्रेनर शिक्षकों का प्रशिक्षण समाहरणालय सभाकक्ष में उप विकास आयुक्त श्री रविरंजन मिश्रा की अध्यक्षता में दी गई। बोकारो जिला के मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रखंड विकास पदाधिकारी, कसमार श्री राजेश कुमार एवं सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा श्री रविशंकर मिश्रा हैं जो राज्य स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं।

समय पर उपस्थित होकर पूर्ण प्रशिक्षण लें-
उप विकास आयुक्त श्री रविरंजन मिश्रा ने कहा कि प्रशिक्षण दो बैच में दिया जा रहा है जिसमे प्रथम बैच जो दिनांक 02 मार्च 2020 से 06 मार्च 2020 तक कुल 5 दिनों एवं द्वितीय बैच दिनांक 12.03.2020 से 13.03.2020 तक प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के प्रत्येक दिन 11 विषयो पर प्रशिक्षित किया जाएगा । उप विकास आयुक्त ने यह भी कहा कि निश्चित समय पर उपस्थित होकर पूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। किसी भी प्रकार की समस्या को अंतिम में रखकर मास्टर ट्रेनर या उच्च पदाधिकारियों से उसका समाधान की जानकारी लेंगे।

जनगणना के माध्यम से लोगों के बारे में विभिन्न जानकारियां प्राप्त की जाती है-
उप विकास आयुक्त श्री रविरंजन मिश्रा ने कहा कि जनगणना एक मात्र ऐसा जरिया है, जिससे रहने वाले लोगों के बारे में विभिन्न जानकारियां एकत्रित की जाती है, जिसमे आर्थिक गतिविधि, साक्षरता, शिक्षा, आवास, घरेलू, सुख-सुविधाएं, शहरीकरण, जन्म – मृत्यु दर, अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति, भाषा, धर्म, पलायन, दिव्यांगता और अनेक अन्य सामाजिक-सांस्कृतिक तथा जनगणना संबंधी आंकड़ों के बारे में सांख्यिकीय जानकारी जुटाने का सबसे अच्छा स्रोत है।

जनगणना विभिन्न माध्यमो से किया जाएगा-
भारतीय जनगणना के इतिहास में यह पहली जनगणना है, जिससे मिश्रित माध्यमों जैसे मोबाइल ऐप एवं पेपर कार्य के माध्यम से किया जाएगा। जनगणना गांव/ शहर/ वार्ड स्तर पर प्राथमिक आंकड़ों का सबसे बड़ा स्रोत है।

भारत की प्रथम डिजिटल जनगणना-
जनगणना में संकलित किए गए आंकड़ों से देश की योजना एवं विकास के लिए आधार उपलब्ध कराते हैं। यह जनगणना भारत की प्रथम डिजिटल जनगणना है । उसमें प्रगणक अपने मोबाइल फोन एप्प का प्रयोग करेंगे।

दो चरणों में होगा प्रथम डिजिटल जनगणना-
जनगणना दो चरणों में होगा पहला चरण अप्रैल 2020 से सितंबर 2020 तक तथा द्वितीय चरण 09 फरवरी 2021 से 28 फरवरी 2021 तक होगा जिसमें पहले चरण में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना जिसमें प्रगणक मकान की स्थिति परिवार के पास उपलब्ध सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों से संबंधित आंकड़ों को संकलित करेंगे। दूसरा चरण 09 फरवरी 2021 से 28 फरवरी 2021 तक किया जाएगा। इस दौरान प्रत्येक व्यक्ति की गणना की जाएगी और उसमें व्यक्तिगत विवरण एकत्र किए जाएंगे।

जनगणना हेतु आवश्यक सामग्री-
जनगणना हेतु फील्ड ट्रेनर को एक किट (लैपटॉप बैंग) दिया गया है। किट में पांच प्रकार का पुस्तक भी दिया गया है जिसमे पहला- मकान सूची एवं मकानों की गणना अनुदेश पुस्तिका। दूसरा- मकान सूची से संबंधित मोबाइल एप्प की अनुदेश पुस्तिका। तीसरा- एनपीआर का अद्यतन कार्य अनुदेश पुस्तिका। चौथा- एनपीआर का अद्यतन से संबंधित मोबाइल एप्प की अनुदेश पुस्तिका। पांचवा- मोबाइल मैपिंग 2021 एवं सुपरवाइजर अनुदेश पुस्तिका। (हाउसिंग लिसिटिंग ब्लॉक की सीमाओं का मोबाइल एप्प द्वारा अंकित करना) साथ ही प्रथम दिन का कागज फोटो स्टेट पीपीटी 1 से 7 तक का भी किट में उपलब्ध कराया गया है। इसके अतिरिक्त फील्ड में काम आने वाले सामग्री जैसे चौक, मार्कर, पेन, रबर, कटर एवं A-3 साइज पेपर आदि दिया गया है।

जनगणना के मुख्य उद्देश्य-
आम जनों के लिए विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रमों की योजना बनाने के लिए जमीनी स्तर की सूचनाएं उपलब्ध कराते हैं । उस सूचना के आधार पर संसदीय/ विधानसभा क्षेत्र / पंचायतों और स्थानीय निकायों में सीटों की संख्या का निर्धारण किया जाता है। इस प्रकार प्रगणक सिर्फ आंकड़े ही नहीं एकत्रित करते हैं अपितु वास्तव में राष्ट्र निर्माण की बड़ी गतिविधि का हिस्सा बनते है।

प्रगणक एवं पर्यवेक्षक सर्कुलर-13 के अनुसार जनता से सवाल-जवाब कर सकते है-
जनगणना अधिनियम 1948 के तहत उसमें कार्य में लगाए जाने वाले सभी पदाधिकारी/कर्मचारी कार्य करते हैं। यह कार्य समयानुसार करना है। खासकर प्रगणक एवं पर्यवेक्षक जो फील्ड में जाकर काम करेंगे। अधिनियम के तहत वर्णित अनुच्छेद एवं सर्कुलर-13 में दिए गए अधिनियम के तहत जनता से सवाल-जवाब कर सकते हैं और किसी भी परिसर में आ जा सकते हैं।

भारत मे जनगणना की शुरुआत-
जनगणना भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची में वर्णित संघ सूची अनुच्छेद 246 के विषयों के क्रम संख्या 69 पर उल्लेखित है। भारत की जनगणना अधिनियम 1948 से वैधानिक आधार प्रदान करती है। भारत की जनगणना 1872 से प्रारंभ है परंतु वर्ष 1881 ई० से यह पूर्ण रूप से लागू किया गया तथा देश आजाद होने के बाद 1951ई० से प्रत्येक 10 वर्षों पर जनगणना की जा रही है। 1881 से प्रारंभ के क्रम में यह 16वी जनगणना है तथा 1951 के प्रारंभ से यह 8वी जनगणना है।

देश मे प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद जनगणना कराने की परंपरा जारी-
युद्ध / महामारी या प्राकृतिक आपदा और राजनीतिक उथल-पुथल जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद देश मे जनगणना कराने की परंपरा को जारी रखा गया। दुनिया में बहुत कम देश ऐसे हैं जो ऐसी शानदार परंपरा पर गौरवान्वित महसूस कर सकते हैं।

पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में अपर समाहर्ता श्री विजय कुमार गुप्ता, निदेशक डीपीएलआर श्री पशुपतिनाथ मिश्रा, अपर जिला जनगणना पदाधिकारी सह जिला सांख्यकी पदाधिकारी श्री मोतीलाल हेम्ब्रम, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा श्री रविशंकर मिश्रा, प्रखंड विकास पदाधिकारी कसमार श्री राजेश कुमार, जनगणना के नोडल पदाधिकारी राँची श्री शैलेंद्र कुमार शर्मा सहित सभी प्रशिक्षण प्राप्त करने आये सभी शिक्षकगण एवं अन्य उपस्थित थे।

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