बोकारो में आज धूमधाम से मनाया जा रहा महाशिवरात्री, जरूर करें दान-पुण्य..

Festival, Spiritual

बोकारो : बोकारो में आज धूमधाम से महाशिवरात्रि मनायी जा रही है. फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाने वाले इस पर्व को विशेष रूप से मनाया जाता हैं. मंदिरों में आज शिव-पार्वती विवाह के साथ अखंड पाठ, विशेष पूजा-अर्चना, महादेव का रुद्राभिषेक और जलाभिषेक जारी है. जिले के कई देवालयों को सजाया गया है जहां से आज शिव बरात भी निकाली जायेगी. भक्तों का जत्था इस दौरान विशेष भेष-भूषा में भगवान शिव के जयकारे के साथ झांकी में शामिल होंगे.

गौरतलब है कि मौसम विभाग ने आज जिले में बारीश होने की संभावना जतायी है ऐसे में मंदिर कमेटियों की ओर से इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई. जगह-जगह पर पंडाल लगाए गए है ताकि भक्तजनों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े. इसके अलावा विभिन्न जगहों पर प्रसाद व पानी वितरण की भी व्यवस्था होगी.

महंतों की मानें तो महाशिवरात्रि का शुभ मुहूर्त 21 फरवी तारीख को शाम को पांच बजकर 12 मिनट से शुरू होगा जो कि 22 फरवरी शनिवार को शाम 6.10 मिनट तक रहेगा. आज के दिन बच्चें, बुढ़े व खासकर महिलाएं जरूर वर्त्त करती हैं. ऐसी मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन वर्त्त करने से कुंवारी कन्याओं को भगवान शिव की तरह भोले पति मिलते हैं.

ऐसे करें पूजा..

शिव रात्रि के दिन सबसे पहले सुबह स्नान करके भगवान शंकर को पंचामृत से स्नान करवाएं. उसके बाद भगवान शंकर को केसर के 8 लोटे जल चढ़ाएं. इस दिन पूरी रात दीपक जलाकर रखें. भगवान शंकर को चंदन का तिलक लगाएं. तीन बेलपत्र, भांग धतूर, तुलसी, जायफल, कमल गट्टे, फल, मिष्ठान, मीठा पान, इत्र व दक्षिणा चढ़ाएं. इसके बाद केसर युक्त खीर का भोग लगा कर प्रसाद बांटें. पूजा में सभी उपचार चढ़ाते हुए ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें.

59 साल बाद बन रहा विशेष संयोग..

फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी में मनाया जा रहा यह पर्व विशेष योग में बताया जा रहा है. इससे पहले ग्रहों की यह स्थिति वर्ष 1961 में थी. इस दिन पांच ग्रहों की राशि पुनरावृत्ति होने के साथ शनि व चंद्र मकर राशि, गुरु धनु राशि, बुध, कुंभ, राशि और शुक्र, मीन राशि में हैं. अत: इस दिन दान-पुण्य जरूर करें.

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