अंतर्राज्यीय साइबर क्राइम गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार, पढ़ाई की आड़ में बैंक फ्रॉड का धंधा..

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अंतर्राज्यीय साइबर क्राइम गिरोह के चार सदस्यों को बोकारो पुलिस ने चास से गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने पिछले चार वर्षों में करीब ढाई करोड़ रूपए की ठगी की है। इनमें से दो देवघर और दो गिरिडीह जिले के रहने वाले है, जिसमें देवघर जिला के मारगोमुंडा थाना निवासी अनिल कुमार साहू, गोपाल कुमार यादव तथा गिरिडीह के बेंगाबाद थाना निवासी जितेंद्र कुमार यादव व दिलीप कुमार यादव को गिरफ्तार किया गया है।

इन लड़कों के पास से चार बाइक, तीन लैपटॉप, 17 मोबाइल, 5 पेटीएम कार्ड 19 एटीएम कार्ड, 13 पासबुक, 09 चेकबुक और 52हजार नकद बरामद किए है। अब पुलिस ये जानकारी जुटाने में लगी है कि इस गिरोह ने किन-किन राज्यों के बैंक ग्राहकों को अपना शिकार बनाया है।

इस संबंध में बोकारो एसपी पी मुरूगन ने बताया कि आईसीसीआई बैंक चास ने पुलिस को सूचना दी थी कि कर्नाटक राज्य पुलिस द्वारा बंद कराए गए खाता से निकासी के लिए कुछ लड़के बैंक में आए हुए हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने उन चार लड़कों को हिरासत में लिया एवं उनसे पूछताछ की| इसी क्रम में लड़कों की निशानदेही पर जब पुलिस उनलोगों के बंशीडीह स्थित किराए के मकान की तलाशी लेने पहुंची तो पता चला कि चारों लड़के बैंक फ्रॉड के अपराध में संलिप्त है और उन्होंने ढाई करोड़ रुपए ठगी की है।

इस बात का खुलासा होने पर पुलिस ने गहन पूछताछ शुरू कि तो लड़कों ने ठगी के तरीके के बारे में बताया कि गलत नाम व पता देकर ये लोग पेटीएम कार्ड और बैंक खाता खुलवाते थे। उसके बाद बैंक कर्मी बनकर ग्राहकों से ये कहते थे कि उनका एटीएम ब्लॉक होने वाला है। अगर एटीएम चालू करना है, तो एटीएम कार्ड नम्बर, वैलिडिटी डेट, सीवीवी नंबर देना होगा। उक्त नम्बरों के सहारे ये लोग ग्राहकों के बैंक से पेटीएम में पैसा ट्रांसफर कर लेते थे।

एसपी पुलिस अधीक्षक पी. मुरूगन ने बताया कि गिरोह के ये सदस्य बोकारो में स्टूडेंट बनकर रहते थे। इन लोगों ने यहां के कॉलेजों में एडमिशन भी करा रखा है। लेकिन पढ़ाई की आड़ में युवक साइबर क्राइम का धंधा करते थे।

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