बोकारो : पुलिस-नक्सलियों में मुठभेड़, 700 राउंड चली गोली..

Bokaro, Crime

बोकारो जिले का अति नक्सल प्रभावित गोमिया प्रखंड एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। उग्रवाद प्रभावित चतरोचट्टी थाना क्षेत्र स्थित अमन पहाड़ी की तलहटी में रजडेरवा व चैयाटांड़ जंगल के बीच रविवार को पुलिस और नक्सलियों में भीषण मुठभेड़ हुई। इसमें दोनों ओर से लगभग 700 राउंड फायरिंग हुई। जानकारी के मुताबिक नक्सली कमांडर मिथिलेश सिंह उर्फ दुर्योधन महतो के दस्ते के साथ पुलिस की मुठभेड़ हुई। इसमें पुलिस को भारी पड़ता देख नक्सली घने जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।

बताया जाता है कि माओवादियों का हथियारबंद दस्ता करीब डेढ़ माह से झुमरा पहाड़ में डेरा डाले हुए है। इसकी सटीक सूचना बोकारो पुलिस को भी है। सूत्र बताते हैं कि इनामी माओवादी दुर्योधन महतो अपनी जेड़ सुरक्षा के अतिरिक्त जोन के हथियार बंद दस्ता के संगठन केआंतरिक ढांचा को मजबूत करने करने के लिए झुमरा पहाड़ पहुंचा है। इस बीच हजारीबाग-बोकारो-रामगढ़ जिला की सीमा में बसे झुमरा क्षेत्र को नक्सल मुक्त बनाना आज भी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो रही है। जबकि पहले की अपेक्षा पुलिस का दबदबा भी इलाके में जरूर बढ़ा परंतु नक्सल गतिविधियां भी समय-समय हो जा रही है। जबकि अब तो सर्च अभियान यहां निरंतर चलता रहता है।

कोयला क्षेत्र के डीआईजी प्रभात कुमार ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि नक्सलियों की धर-पकड़ के लिए पुलिस लगातार घने जंगलों में सर्च अभियान चला रही है। जंगल में आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) लगे होने की गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस श्वान दस्ते के साथ खोजी अभियान में लगी थी। पुलिस को जंगल में देखते ही नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस के जवानों ने भी जवाबी फायरिंग की। दोनों तरफ से घंटों रुक-रुककर गोलीबारी होती रही। अभियान एएसपी उमेश कुमार ने बताया कि पुलिस की ओर से करीब 700 राउंड गोलियां दागी गईं। इनमें मोर्टार भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि जवानों को क्षति पहुंचाने के लिए नक्सलियों ने आईईडी विस्फोट कर हमला करने की भी कोशिश की, लेकिन दूरी अधिक होने के कारण सभी जवान सुरक्षित रहे। पुलिस एवं सीआरपीएफ की 26वीं बटालियन की ओर से नक्सलियों की धर-पकड़ के लिए सघन छापामारी अभियान जारी है। मुठभेड़ के बाद घटनास्थल पर पुलिस अधीक्षक पी. मुरुगन, सीआरपीएफ के अनिल कुमार शेखावत, सीआरपीएफ के अभियान एएसपी उमेश कुमार एवं कोनार डैम सीआरपीएफ 26वीं बटालियन के डिप्टी कमांडेंट पंकज मिश्रा पहुंचे। घटनास्थल पर चतरोचट्टी थाना प्रभारी मुकेश कुमार भी उपस्थित रहे।

इनामी नक्सली मिथिलेश सिंह के दस्ते के साथ मुठभेड़ के बाद पुलिस के तीन कंपनियों ने मोर्चा संभाला। अभियान एएसपी उमेश ने बताया कि पुलिस की ओर से की गई फायरिंग में कई नक्सलियों के घायल होने का अनुमान है। कहा कि उग्रवादियों ने एक आईईडी ब्लास्ट किया, लेकिन पुलिस बल उस विस्फोट स्थल से लगभग 150 मीटर की दूरी पर था, इसलिए उसका प्रभाव नहीं पड़ा। कार्रवाई के दरम्यान सुबोध कुमार नामक सीआरपीएफ का एक जवान मामूली रूप से चोटिल हो गया।

बताते चलें कि 24 जनवरी की रात गोमिया प्रखंड के लुगू पहाड़ की तलहटी केनरा झरना से 200 मीटर दूर जंगल में नक्सलियाें ने एक ठेकेदार के मुंशी रमेश मांझी की गाेली मारकर हत्या कर दी थी। वहीं, पिंडरा से टूटीझरना तक सड़क निर्माण में लगे ट्रैक्टर, जेसीबी और मुंशी की बाइक काे आग के हवाले कर दिया था। इसके बाद से ही इलाके में नक्सलियों के खिलाफ सर्च अभियान तेज कर दिया गया है।

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