सुनिए जनप्रतिनिधि जी..

Bokaro, write-up

सुनिए जनप्रतिनिधि जी में आज एक बार फिर हम बात करेंगे आपके द्वारा उठाए गये अलग-अलग मुद्दों की| और एक माध्यम बन कर कोशिश करेंगे उसे आगे जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने की| सबसे पहले बात करेंगे बीएसएल द्वारा संचालित स्कूलों की जिनमें से ज्यादातर स्कूल अब बंद हो चुके हैं| इन स्कूलों की बिल्डिंग को भी यूं ही खंडहर बनने के लिए छोड़ दिया गया है| ऐसा लग रहा, प्रबंधन पूरी तरह से इस से मुंह मोड़ चुकी है और झोपड़ियों में रहने वाले लोग इसका फायदा उठा रहे हैं| मुकेश कुमार ने हमें जानकारी देते हुए बताया कि सेक्टर-1बी के बंद पड़े मिडिल स्कूल के पास झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोग इस स्कूल के खिड़की, दरवाजे और जो कुछ भी हाथ लग रहा तोड़ कर ले जा रहे हैं| इतना ही नहीं, ये लोग स्कूल के अंदर तार को निकाल कर उसे वहीं कमरे में जलाकर उससे तांबा निकालकर ले जा रहे हैं|

जो जगह कभी शिक्षा का मंदिर हुआ करता था वहां आज ये दयनीय हालत हो चुकी है लेकिन प्रबंधन इससे बेखबर या बेपरवाह, इन स्कूलों की ओर झांकने भी नहीं जा रहा है| हालांकि ये स्कूल बिल्डिंग औऱ ये जमीन अभी भी बीएसएल के अधीन है| प्रबंधन चाहे तो बंद पड़े इन स्कूलों को शहर के विभिन्न विकास योजना में लगा सकती है|

आगे बढ़ते हैं बोकारो स्टील सिटी से सटे चास की, जहां बिजली-पानी की समस्या बरसों से चली आ रही है| एक तरफ बजट में वित्त मंत्री देशभर में पाइपलाइन से पानी की सप्लाई की बात करती है वहीं यहां चास में पाइपलाइन होने के बावजूद कभी सही से पानी ही नहीं आता| वार्ड-17 शिव-शक्ति नगर के पंकज कुमार ने बोकारो उपायुक्त, पीएमओ इंडिया, मुख्यमंत्री रघुवर दास, झारखंड 181 व पीआरडी झारखंड को टैग कर ट्वीट किया कि कई दफा शिकायत करने के बावजूद उनके क्षेत्र में पानी की सप्लाई की खराब हो रखी पाइपलाइन को ठीक नहीं किया गया|इससे करीब 40-50 घरों में पिछले एक साल से सही से पानी सप्लाई नहीं आ रहा ना ही कोई इस ओर ध्यान दे रहा है|

पानी के कनेक्शन के बाद अब करेंगे बिजली कनेक्शन की| भर्रा बस्ती निवासी अब्दुल ने ईएसई चास व मुख्यमंत्री को टैग कर ट्वीट किया है कि उनके घर बिजली का बिल कभी भी सही समय पर नहीं आता| इसे लेकर उन्होंने चास के बिजली विभाग में शिकायत भी दर्ज कराई लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं किया गया| इसके साथ ही अब्दुल ने एक और ट्वीट कर मुख्यमंत्री से बोकारो की बिजली अवस्था पर भी ध्यान देने को कहा| अब्दुल की तरह शंभु मिश्रा ने भी बोकारो की बिजली व्यवस्था को लेकर ट्विटर के जरिए मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से सवाल किया है| उन्होंने पूछा है कि बोकारो में बिजली व्यवस्था कब ठीक होगी?

पानी-बिजली के अलावा एटीएम भी आजकल की जरूरतों में शुमार हो चुका है| लेकिन नावाडीह प्रखंड के लोगों को ये भी नसीब नहीं| पंकज ने ट्विटर के जरिए बैंक ऑफ इंडिया को टैग कर ये बताया कि यहां प्रखंड मुख्यालय में मौजूद एकमात्र बैंक ऑफ इंडिया का एटीएम मशीन अकसर खराब रहने के कारण हमेशा के लिए बंद कर दिया गया| इससे हजारों लोग प्रभावित हो रहे हैं| उन्होंने इस एटीएम मशीन को दोबारा संचालित करने का आग्रह किया है|

अंत में बात करेंगे देशव्यापी शुरू हुए जल शक्ति अभियान की जिसके तहत बारिश के पानी को संचित करने के लिए रेनवाटर हार्वेस्टिंग पर जोर दिया जा रहा है| गांव-गांव में तथा पंचायतों में इसे लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है| लेकिन बोकारो के सरकारी कार्यालयों में ही इसकी कोई व्यवस्था नहीं| सीपी सिंह ने पीएम नरेंद्र मोदी को टैग कर ट्वीट किया कि बोकारो में जल संचयन की बात हो रही है लेकिन ना तो बोकारो इस्पात प्लांट के कार्यालय भवन में ना तो जिला प्रशासन के कार्यालय भवन में रेनवाटर हार्वेस्टिंग व्यवस्था है| सीपी सिंह का सवाल उठाना लाजमी है क्योंकि ऐसी योजनाओं की शुरूआत तो सबसे पहले सरकारी दफ्तरों और विभागों से ही होना चाहिए|

One thought on “सुनिए जनप्रतिनिधि जी..

Leave a Reply