सुनिए जनप्रतिनिधि जी..

Bokaro, write-up

बोकारो शहर के सड़कों की दुर्दशा अब किसी एक इलाके तक सिमित नहीं रही है| कुछ गिनी-चुनी सड़कों को छोड़कर आज लगभग हर सेक्टर और उसकी सड़कों की हालत दयनीय हो चुकी है| आश्चर्य इस बात की है कि अबतक बीएसएल प्रबंधन का रवैया बदला नहीं है और सड़कों को यूं ही जर्जर अवस्था में छोड़ दिया गया है| बड़े-बड़े गड्ढे वाली ये सड़कें किसी की जान लेने पर आमादा हैं, बारिश के बाद तो ये औऱ भी खतरनाक हो जाती है| बीते दिनों इस खबर को प्रमुखता से छापने के बाद कई लोगों ने अपने-अपने इलाके की सड़कों की हालत बयां की|

इसके अलावा कई गली-मोहल्ले में तथा सड़क किनारे पेड़ों की छंटाई ना होने पर डालियां बिजली की तारों को छू रही हैं| इससे पेड़ में करंट आ रहा जो बेहद जानलेवा है| कब किसी की जिंदगी इन पेड़ों का निशाना बन जाए कुछ कहा नहीं जा सकता| इस संदर्भ में भी हमने सेक्टर-4ए की जानकारी भी दी थी लेकिन इसी के तरह कई अलग-अलग सेक्टरों में भी पेड़ में करंट दौड़ने की समस्या सामने आई है|

वहीं जर्जर बीएसएल क्वार्टरों का किस्सा भी कोई नया नहीं है| यहां शायद ही कोई ऐसा सेक्टर होगा जिसके क्वार्टर बिलकुल सही सलामत स्थिति में होंगे| क्वार्टरों की स्थिति हर तरफ बदतर हो चुकी है| कहीं छत टूट कर गिरती है तो कही सीढ़ी ही गिर जाती है| हालांकि बीएसएल प्रबंधन ने इसकी सुद लेते हुए कुछ क्वार्टरों को खाली करवाया है लेकिन शायद समय रहते इनकी मरम्मत हो जाती तो ये नौबत ही नहीं आती|

हमारी लगातार कोशिश है कि उपरोक्त तीन समस्याओं के साथ ही जनता की अन्य दिक्कतों को, उनकी आवाज को नेताओं, प्रबंधन व प्रशासन तक पहुंचाई जाए| तो इसलिए “सुनिए जनप्रतिनिधि जी”…

अर्श जयंत ने बताया कि सेक्टर-9, स्ट्रीट 35 की सड़कें खस्ताहाल हो रखी है|यहां वैशाली मोड़ पर मानों किसी ने छोटे-छोटे तालाब खोद रखे हैं|बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर गया है जिससे लोगों का पैदल चलना तो छोड़ें बाइक चलाना तक मुश्किल हो गया है| कुछ ऐसा ही नजारा नावाडीह का भी देखने को मिला| हमारे एक रीडर ने नावाडीह प्रखंड के भेंडरा गांव के समीप सड़क पर बारिश के बाद लबालब पानी भर गया| हालांकि इसमें लोगों की भी गलती है| मकान व दुकान बनाने की होड़ में किसी ने भी नाले और जल निकासी की जगह पर ध्यान ही नहीं दिया| नतीजा सबके सामने है|

पेड़ में करंट का मामला उठाया है चंदन मजूमदार ने जिन्होंने बताया कि सेक्टर-3ए, क्वार्टर नंबर 96 से 102 तक बिजली के ताड़ों को छूते पेड़ हैं जो जरा सी हवा और आंधी आने पर टूच कर गिर सकते हैं| विभाग में कई दफा शिकायत करने के बाद भी स्थिति जस की तस है और प्रबंधन ने पेड़ों की छटाईं करने का कष्ट ही नहीं किया| शायद किसी बड़ी घटना के होने का इंतजार किया जा रहा है|

आखिर में बात करते हें ढहने के कगार पर बीएसएल क्वार्टरों की| मामला है सेक्टर 1बी के क्वार्टर नंबर 1382 का जिहां अचानक किचन की छत का टुकड़ा नीचे गैस चुल्हे पर आ गिरा| खैरियत इस बात की रही कि इससे किसी को कोई चोट नहीं आई| छत टूटने से ऊपर सिलिंग के रॉड्स दिखने लगे हैं| ऐसे में घर में रहना मतलब अपनी जान को जोखिम में डालना है लेकिन समस्या है कि आखिर जाये तो कहां जाये?

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