फीड द नीड प्रोग्राम के तहत भूखों का पेट भर रही हैं ये महिलाएं, पढ़ें पूरी खबर..

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बोकारो : आज के दौर में जहां लोग दूसरों का हक मारने में लगे रहते है तो वहीं कुछ ऐसे भी है जिन्हें अपने हिस्से का दूसरों में बांटने से ही आनंद मिलती है. बोकारो में ऐसे ही कुछ महिलाओं का ग्रुप है जो गरीब भूखों की पेट भरने में लगी है. बोकारो अपडेट्स में पढ़े ये स्पेशल रिर्पोट जिसे पढ़ने के बाद आप भी बोकरोवासी होने का गर्व महसूस करेंगे-

फाउंडेशन का नाम और काम..

SAATH फाउंडेशन के नाम से शुरू हुई इस संस्था का मुख्य उद्देश्य है गरीब भूखे लोगों का पेट भरना है. यह संस्था चार महिलाएं मिलकर चलाती हैं, जिसमें ये लोग सप्ताह में एक दिन सदर अस्पताल, रेलवे स्टेशन, फुटपाथ या अनाथालय व अन्य जगहों पर जाकर गरीब भूखों को भर पेट ताजा खाना उपलब्ध करवाती हैं.

SAATH फाउंडेशन की वरिजा प्रसाद ने कहा कि इस कार्य में मेरे अलावा तीन और लेडी मेंबर है जिनका नाम है वाणी पांडे, श्वेता सिंह और नूतन सांडिल्य. इसके अलावा इस मौके पर कई वालेंटियर्स भी मौके पर मौजूद रहते हैं. और इसकी शुरूआत हमने इसी 15 जनवरी से की हैं.

उन्होंने आगे कहा कि हमारी संस्था का मुख्य मकसद सिर्फ यही है कि कोई भूखा न रहे. इसके लिए हमारी टीम हमारी क्षमता के अनुसार सप्ताह में एक दिन निकलती है और रेलवे स्टेशन, सदर अस्पताल व फुटपाथ जैसे अन्य जगहों पर जाकर लोगों को भरपेट ताजा भोजन करवाती है. उन्होंने आगे कहा कि हमारी कोशिश होती है कि खाना हमलोग पत्तल में ही परोसे, इससे पुरानी परंपरा को बढ़ावा व रोजगार मिलेगा और यह सेहत व पार्यावरण के लिए भी लाभकारी हैं.

बोकारो अपडेट्स के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि हमलोग बचा हुआ खाना न खिलाकर भूखों को कैंटीन से बना हुआ ताजा खाना ही खीलाते हैं.

वरिजा प्रसाद ने कहा कि SAATH फाउंडेशन अभी अपना वैलेंटाइन हेल्प इन नीड वीक मना रहा है. गुरूवार को भी हमने फीड द नीड प्रोजेक्ट के तहत शहर के सदर अस्पताल में सभी इलाजरत पेसेंटों के परिजनों को ताजा बना हुआ खाना वितरित किया. इस मौके पर कनक कुमार, बबलू कुमार, मुकेश कुमार, सूरज टूडू, और चास के कैंटीन ओनर अजित तिवारी व संदेश सिंह ने हमारा भरपूर साथ दिया.

 

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