टाइगर मोबाइल के जवानों ने तीन युवकों को जमकर पीटा, मामले में आरोपी जवान सस्पेंड..

Bokaro, Social Media, write-up

नए युग के हक की लड़ाई में सोशल मीडिया नया हथियार बनकर सामने आ रहा है। बोकारो में लोग ट्वीटर का प्रयोग कर अपने हक की लड़ाई लड़कर जीत हासिल कर रहे हैं। इसी क्रम में एक मामले में जिसमें बीते रविवार को बोकारो के गरगा डैम में नहा रहे बालीडीह के रहने वाले तीन नाबालिग छात्रों को एक टाइगर पुलिस के जवान ने बुरी तरह से पीटकर घायल कर दिया। इसके बाद इससे संबंधित एक तस्वीर और बेरहमी कहानी का ट्वीट बोकारो के डीसी को किया। उन्होंने सीएम को भी इसमें ट्वीट कर दिया। ट्वीट के आठ घंटे के अंदर दोषी जवान को सस्पेंड कर सीएम को जानकारी दी गई।

दरअसल मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद हेमंत सोरेन सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं। उनके आईटी सेल की टीम हर शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर रही है। मुख्यमंत्री की सक्रियता देख जिलास्तर पर भी डीसी से लेकर एसपी तक लगातार सोशल मीडिया में आ रही शिकायतों की त्वरित कार्रवाई कर रहे हैं। पिछले एक महीने में बोकारो में ही दर्जनों मामलों का त्वरित निपटारा सोशल मीडिया की वजह से हो पाया है।

गरगा डैम से नहाकर लौट रहे तीनों युवकों के साथ पिटाई मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ। बताया गया कि रविवार दोपहर करीब 12 बजे बालीडीह के रिशु हेंब्रम, रवि हेंब्रम और विशाल मुर्मू गरगा डैम में स्नान कर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी बीच टाइगर जवान सुखवंत सिंह व पंकज ने एक बाइक पर तीन युवकों के सवार होने पर उन्हें रोकने की कोशिश की। पुलिस को देखकर तीनों युवकों ने बाइक तेज कर भागने का प्रयास किया। जवान ने पीछा कर तीनों को पकड़ा और जमकर पीट डाला। एक युवक की पीठ पर डंडे के निशान तक पड़ गए। मारपीट से जख्मी तीनों युवक जैसे ही अपने घर लौटे, घटना की जानकारी पाकर ग्रामीण उग्र हो गए। तीनों को इलाज के लिए रेफरल अस्पताल जैनामोड़ ले जाया गया। रिशु को अधिक चोट लगी। रिशु हेम्ब्रम ने बालीडीह थाना में टाइगर जवान सुखवंत के विरुद्ध आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की।

इसके बाद तीर्थनाथ बिरसा नामक एक ट्वीटर यूजर ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को टैग करते हुए इस संबंध में शिकायत की। सोमवार सुबह 9 बजकर 24 मिनट पर तीर्थनाथ ने अपने ट्विटर हैंडल से सीएम व बोकारो डीसी को टैग करते हुए लिखा कि 1 मार्च को बालीडीह थाने के सिपाही सरदार सुखवंत सिंह व अन्य सिपाहियों ने तीन आदिवासी नाबालिग लड़कों रिशु हेंब्रम, रवि हेंब्रम व विशाल मुमरू के साथ मारपीट की।

ट्वीटर पर हुई शिकायत के आलोक में सूबे के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खुद संज्ञान लिया। उन्होंने दोपहर लगभग 2.00 बजे ट्वीट कर जिले के उपायुक्त मुकेश कुमार और एसपी पी. मुरुगन को इस मामले में कार्रवाई का आदेश दिया। उन्होंने अपने ट्वीट में दोनों अधिकारियों को मामले की पूरी जांच करते हुए मारपीट के आरोप में जवान के दोषी पाए जाने की स्थिति में कड़ी कार्रवाई करने और कृत कार्रवाई से सूचित किए जाने का आदेश दिया। मामले में 4 बजकर 44 मिनट पर उपायुक्त मुकेश कुमार ने सीएम को ट्वीट कर बताया कि मामले की जांच की गई। जांच में सिपाही को दोषी पाया गया और उसे निलंबित कर दिया गया है।

संभवत: मुख्यमंत्री के आदेश के आलोक में आरोपी जवान को निलंबित कर दिया गया। इसकी जानकारी खुद उपायुक्त ने इस ट्वीट के रिप्लाई में दी। सीएम के ट्वीट के दो घंटे बाद ही डीसी के आफिशियल ट्विटर हैंडल से इसकी जानकारी सीएम को दी गई। डीसी ने लिखा- उक्त मामले की जांच की गई, जिसमें संबंधित पुलिसकर्मी को दोषी पाया गया। इसलिए दोषी पुलिसकर्मी सुखवंत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सोमवार शाम बोकारो पुलिस के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में भी इस आशय की जानकारी दी गई। बताया गया कि सुखवंत ने तीनों लड़कों के साथ मारपीट और गाली-गलौज की थी। यह उसकी अनुशासनहीनता, कर्तव्यहीनता और स्वेच्छाचारिता को दर्शाता है। एसपी ने उक्त जवान को निलंबित करते हुए उसे पुलिस लाइन में योगदान करने का निर्देश दिया है।

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