खंडहर में तब्दील होने की कगार पर महिला आईटीआई भवन, सात सालों में अबतक शुरू नहीं हुई पढ़ाई..

Bokaro, write-up

चास नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर-31 में करोड़ों रुपये की लागत से महिला आईटीआई का निर्माण किया गया था लेकिन आज इसकी सुध लेने वाला कोई नहीं है| झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो, वर्तमान सांसद पशुपतिनाथ सिंह और तत्कालीन जिला परिषद के अध्यक्ष मिहिर सिंह ने वर्ष 2012 में महिला आईटीआई और छात्रावास का शिलान्यास किया था| इसके बाद ऐसी उम्मीद जगी थी कि लड़कों की तरह ही लड़कियां भी आईटीआई कर अपना भविष्य बनाएंगी| हालांकि सात साल बीत गये लेकिन आज तक इस आईटीआई में किसी का नामांकन नहीं हुआ| एक तरफ जहां सरकार कौशल विकास जैसी योजनाओं पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी तरफ आधी आबादी के कौशल को बढ़ावा देने की दिशा में स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से सुस्त नजर आ रही है|

आज के वक्त में महिला आईटीआई का भवन वीरान सा पड़ा हुआ है ऐसा लगता है मानो किसी जंगल में कोई भूतों की हवेली है| चारों तरफ पेड़ पौधों से घिरा ये भवन रख-रखाव के अभाव में खंडहर होने की कगार पर है| देखरेख के बिना बाथरूम, कैंटीन और पूरे बिल्डिंग की हालत काफी बदतर हो चुकी है| जिस वक्त इस महिला आईटीआई का निर्माण हुआ था उस वक्त चास और आसपास के लोगों में काफी ख़ुशी थी| उन्हें उम्मीद थी कि अब उनकी बच्चियों का नामांकन भी आईटीआई में होगा और वो भी अपना भविष्य बनाएंगीं| लेकिन आज के समय में वहीं आईटीआई भवन और इसका परिसर नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गया है|

फिलहाल इलाके के पार्षद सुमन राय ने सरकार से इस आटीआई को जल्द से जल्द चालू कर इसके निर्माण की सार्थकता सिद्ध करने की मांग की है| आश्चर्य की बात तो यह है कि जिले के आला अधिकारी इस आईटीआई को चालू किये जाने को लेकर बिलकुल भी संजीदा नहीं दिख रहे|

इधर, महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बोकारो की प्राचार्या अंजु अग्रवाल ने बताया कि इस आईटीआई का निर्माण सिर्फ महिलाओं के लिए किया गया था, साथ ही यहां महिलाओं से संबंधित ट्रेड चलाने थे| इस पर राज्य सरकार ने फैसला किया था कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप में इस बिल्डिंग को देंगे तथा इसके लिए एक बार टेक्नो इंडिया कंपनी से एमओयू हुआ भी था, लेकिन टेक्नो इंडिया इसे नहीं चला पाई और उसके बाद एमओयू रद्द हो गया| फिर राज्य सरकार ने किसी जिमिट नामक कंपनी जो कि दिल्ली बेस्ट कंपनी है के साथ झारखंड स्किल डेवलपमेंट की तरफ से एमओयू किया था| श्रीमती अग्रवाल के मुताबिक ये कंपनी अगस्त 2019 से प्रशिक्षण प्रारंभ करेगी, ऐसी आशा है|

फिलहाल अब प्राचार्या की बातों पर यकीन करें तो अगस्त 2019 में इस महिला आईटीआई का कायाकल्प होने की संभावना है| लेकिन इस भवन के निर्माण से पहले इसको लेकर जो तमाम उम्मीदें लगाई गई थी वो अब जर्जर हो चली हैं| अगर प्रशासन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो वो दिन दूर नहीं जब चास-बोकारो की शैक्षणिक धरोहर महिला आईटीआई बस एक अतीत ही बनकर रह जायेगी|

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